सृष्टि के आरंभ में ही आदि शक्ति ने अपने स्वरुप से सरस्वती को उत्पन्न करके ब्रह्मा जी को पत्नी स्वरुप भेंट किया ताकि ब्रह्मा जी सृष्टि निर्माण का काम पूरा कर सकें। सृष्टि निर्माण का काम पूरा होने के बाद एक दिन पवित्र उद्देश्य को पूरा करने के लिए ब्रह्मा जी ब्रह्मलोक से निलकर पृथ्वी पर पधारे।
पृथ्वी पर आकर इन्होंने सबसे उत्तम मुहूर्त में यज्ञ का आयोजन किया। लेकिन एक समस्या यह थी कि बिना पत्नी के यज्ञ पूरा नही हो सकता था। ब्रह्मा जी शुभ मुहूर्त को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहते थे। इसलिए संसार के कल्याण हेतु एक ऐसी कन्या से विवाह कर लिया जो बुद्धिमान होने के साथ ही शास्त्रों का भी ज्ञान रखती थीं।
इस कन्या का नाम शास्त्रों और पुराणों में गायत्री बताया गया। गायत्री से विवाह करने के बाद ब्रह्मा जी ने यज्ञ करना शुरु कर दिया। देवी सरस्वती ब्रह्मा जी को तलाश करते हुए तीर्थ नगरी पुष्कर में पहुंची जहां ब्रह्मा जी गायत्री के साथ यज्ञ कर रहे थे।
ब्रह्मा जी के साथ दूसरी स्त्री को देखकर देवी सरस्वती क्रोधित हो उठी और ब्रह्मा जी को शाप दे दिया कि कि पृथ्वी के लोग ब्रह्मा को भुला देंगे और कभी इनकी पूजा नहीं होगी।
किन्तु अन्य देवताओं की प्रार्थना पर सरस्वती का क्रोध कम हुआ और उन्होने कहा कि ब्रह्मा जी केवल पुष्कर में पूजे जाएंगे। इसीलिए पृथ्वी पर केवल पुष्कर में ही ब्रह्मा जी का प्राचीन मंदिर है।
बुधवार, 16 सितंबर 2020
माता सरस्वती ने क्यों दिया ब्रह्मा जी को ये श्राप?
ॐ अब्याज करुणा मूर्तये नमः
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
କୁଲରରେ ପାଣି ମିଶାଇଲେ ଥଣ୍ଡା ପବନ କାହିଁକି ଉତ୍ପନ୍ନ ହୁଏ ?
କୁଲରରେ ପାଣି ମିଶାଇଲେ ଥଣ୍ଡା ପବନ କାହିଁକି ଉତ୍ପନ୍ନ ହୁଏ ? ଗ୍ରୀଷ୍ମ ଋତୁରେ, ଯେତେବେଳେ ଆମେ କୁଲରକୁ ଚାଲୁ କରି ପାଣି ମିଶାଇଥାଉ, ଅଳ୍ପ ସମୟ ମଧ୍ୟରେ କୁଲରରୁ ଥଣ୍ଡା ...
-
नव-वर्ष का सन्देश उस अविनाशी पुरुष के आदेश से ही मिनट, घण्टे, दिन तथा रात्रि अलग-अलग रहते हैँ । ■ 7 दिवस = 1 सप्ताह ■ 4 सप्ताह = 1 माह ...
-
🎓#ଦଶମଶ୍ରେଣୀ_ପରେ_କଣ_ପଢ଼ିବେ? #କେଉଁ_କ୍ୟାରିୟର_ବାଛିବେ? 🤔 (ଏକ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଗାଇଡ୍) ଦଶମ ଶ୍ରେଣୀ ପରେ କ୍ୟାରିୟର ବାଛିବା ପିଲାମାନଙ୍କ ଜୀବନର ଏକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍...
-
श्री दुर्गा माँ के 108 नाम (अर्थ सहित) 〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️🌸〰️〰️ ॐ अब्याज करुणा मूर्तये नमः 1. सती- अग्नि में जल कर भी जीवित होने वाली 2. साध...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें